
अचार हमारे भारतीय खाने की शान होता है। चाहे आम का हो या नींबू, मिर्च का हो या गाजर का — अचार खाने के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। लेकिन बरसात का मौसम आते ही कई घरों में यह शिकायत आम हो जाती है कि अचार पर फफूंदी लग जाती है, वो खट्टा या कड़वा हो जाता है, या फिर सड़ने लगता है।
दरअसल, मानसून में वातावरण में नमी बहुत ज्यादा होती है, और यही नमी अचार के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन जाती है। अगर जरा सी भी लापरवाही हो जाए, तो महीनों की मेहनत से बनाया गया अचार खराब हो सकता है।
लेकिन चिंता की बात नहीं। अगर आप कुछ आसान लेकिन असरदार घरेलू उपाय अपनाएं, तो आपका अचार लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है, और उसमें कभी फफूंदी नहीं लगेगी।
1. अचार में सरसों का तेल भरपूर मात्रा में डालें
जब भी अचार तैयार करें, तो उसे स्टोर करने से पहले उस पर सरसों के तेल की एक मोटी परत ज़रूर बनाएं। ये तेल अचार को हवा और नमी के संपर्क से बचाता है और एक नैचुरल प्रिज़र्वेटिव की तरह काम करता है। ध्यान रखें कि हर बार अचार निकालने के बाद उसे फिर से तेल में पूरी तरह डुबा दें।
2. नमक की मात्रा सही रखें, न ज्यादा न कम
नमक अचार को सिर्फ स्वाद ही नहीं देता, बल्कि वो एक प्राकृतिक संरक्षक (preservative) भी होता है। यह बैक्टीरिया और फंगस को पनपने से रोकता है। अगर आप कम नमक डालेंगे तो फफूंदी जल्दी लगेगी, और ज्यादा डालने से अचार खाने लायक नहीं बचेगा। इसलिए अचार की मात्रा और सब्जी के अनुसार संतुलित नमक डालना बहुत ज़रूरी है।
3. अचार को धूप में ज़रूर रखें
धूप अचार के लिए अमृत है। मानसून में चाहे जैसे भी हो, अगर 3-4 घंटे की हल्की धूप भी मिल रही हो तो हफ्ते में एक या दो बार अचार के जार को खोलकर बाहर धूप में रखें। इससे नमी खत्म होगी, अचार का स्वाद गहरा होगा और फफूंदी लगने की संभावना न के बराबर हो जाएगी।
4. अचार में हींग, मेथी या लवंग जैसे मसालों का इस्तेमाल करें
कुछ मसाले जैसे हींग, मेथी दाना और लौंग (clove) न सिर्फ अचार के स्वाद को बढ़ाते हैं बल्कि ये एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल भी होते हैं। इनका इस्तेमाल करने से अचार ज्यादा समय तक ताज़ा रहता है और खराब नहीं होता। ये मसाले खासकर नींबू, आम और मिर्च के अचार में बेहद कारगर हैं।
5. साफ-सुथरे और सूखे बर्तनों का ही प्रयोग करें
अक्सर हम अचार बनाने के बाद उसे स्टोर करते वक्त गड़बड़ी कर देते हैं। अगर अचार को गीले या गंदे बर्तनों में भर दिया जाए तो उसमें तुरंत फफूंदी लग जाती है। कोशिश करें कि काँच के बर्तन ही इस्तेमाल करें और उन्हें उबालकर या धूप में सुखाकर ही उपयोग करें। अचार निकालते वक्त भी सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें।