
Haridwar Stampede: मनसा देवी मंदिर हादसा
Haridwar Stampede: रविवार सुबह हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब मंदिर परिसर में अचानक मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और एक बार फिर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य सरकारी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। मंदिर क्षेत्र को खाली करा लिया गया है ताकि किसी भी तरह की और अनहोनी को रोका जा सके।
क्या था हादसे का कारण? हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार मंदिर मार्ग से लगभग 100 मीटर नीचे सीढ़ियों पर “बिजली का करंट” लगने की अफवाह फैली थी। इस अफवाह ने वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मचा दी और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में भगदड़ मच गई जिसमें कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और कुछ लोग बुरी तरह कुचले गए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई जैसे ही हादसे की सूचना मिली, प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। उत्तराखंड के डीएम मयूर दीक्षित और गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने मौके का मुआयना किया। मंडलायुक्त ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सहायता देने और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कांवड़ यात्रा और भीड़ का दबाव यह हादसा ऐसे समय पर हुआ है जब हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। पिछले कुछ दिनों से लाखों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार में जमा हैं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों की ओर जा रही है। मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर जाने के लिए रोपवे सुविधा भी है, लेकिन अधिकतर लोग पैदल यात्रा करना पसंद करते हैं जिससे मंदिर मार्गों पर भीड़ अधिक हो जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान हादसे में घायल हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया था। अचानक किसी ने करंट लगने की बात कही और तभी भगदड़ मच गई। वह गिर गया और उसका हाथ टूट गया। यही हाल कई अन्य श्रद्धालुओं का भी हुआ जो या तो गिर गए या कुचले गए।
मनसा देवी मंदिर का पौराणिक महत्व मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के बिल्व पर्वत पर स्थित है और इसे मां शक्ति के अवतार मनसा देवी को समर्पित किया गया है। इस मंदिर को शक्ति पीठों में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि मां मनसा देवी, भगवान शिव की मानस पुत्री थीं और ऋषि कश्यप की पुत्री मानी जाती हैं। नवरात्रि और सावन के महीनों में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे और सीढ़ियों दोनों का विकल्प उपलब्ध है।