
ईरान-इजराइल टकराव: बढ़ती तबाही, लेकिन रूस कहां है?
जब पूरी दुनिया की निगाहें ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध पर टिकी हैं, तब एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है: रूस कहां है? क्या पुतिन अब पश्चिम एशिया में वो प्रभाव नहीं रखते जो पहले था?
हाल के वर्षों में रूस ने सीरिया से लेकर यूक्रेन तक अपना प्रभाव जमाया है, लेकिन ईरान-इजराइल संघर्ष में उसकी सक्रिय भूमिका लगभग न के बराबर दिख रही है।
परंपरागत भूमिका से हटकर रूस की चुप्पी
पहले जब भी मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा, रूस ने तुरंत राजनयिक बयान, संयुक्त राष्ट्र में सक्रियता, या कभी-कभी सेना तैनात करने जैसे कदम उठाए।
लेकिन इस बार:
- कोई आधिकारिक हस्तक्षेप नहीं
- ईरान के साथ पारंपरिक रिश्ते के बावजूद कोई समर्थन नहीं
- पश्चिम एशिया की राजनीति में अमेरिका और चीन ज्यादा एक्टिव
इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या पश्चिम एशिया में रूस की पकड़ अब कमजोर पड़ गई है?
पुतिन की रणनीति: यूक्रेन प्राथमिकता में
रूस इस समय खुद यूक्रेन युद्ध में उलझा है। इसकी वजह से:
- पश्चिमी देशों से आर्थिक दबाव
- सैन्य संसाधनों की कमी
- घरेलू असंतोष बढ़ता जा रहा है
ऐसे में पुतिन के लिए पश्चिम एशिया में एक्टिव रहना मुश्किल हो गया है। रूस अब शायद रणनीतिक रूप से ‘Observe & Wait’ की नीति अपना रहा है।
ईरान के साथ रूस के रिश्ते
मुद्दा | रूस का रुख |
---|---|
परमाणु डील (JCPOA) | समर्थन में रहा है |
सीरिया में सहयोग | ईरान के साथ मिलकर कार्रवाई |
हथियार और ड्रोन्स | कुछ डिफेंस डील्स भी हुई हैं |
परंतु हालिया युद्ध में रूस बोलने से भी बच रहा है, जो कि ईरान के लिए निराशाजनक हो सकता है।
चीन और अमेरिका आगे
- अमेरिका, इजरायल को समर्थन दे रहा है
- चीन, ईरान के पक्ष में संयम की अपील कर रहा है
- रूस सिर्फ आंशिक बयान देकर पीछे हट रहा है
इससे पश्चिम एशिया की रणनीतिक भूमिका में बदलाव साफ दिख रहा है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं:
“रूस अब मिडिल ईस्ट का एक मुख्य खिलाड़ी नहीं रहा। अब अमेरिका और चीन ही इस क्षेत्र की नई कूटनीतिक धुरी बनते जा रहे हैं।”
ईरान-इजरायल युद्ध न सिर्फ क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ रहा है, बल्कि इससे ये भी साफ हो रहा है कि रूस की पकड़ अब कमजोर हो चुकी है। पुतिन की चुप्पी अब एक रणनीतिक कमजोरी की तरह देखी जा रही है।
अगर रूस भविष्य में मिडिल ईस्ट में अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है, तो उसे इस तरह के मुद्दों पर मजबूत और स्पष्ट भूमिका निभानी होगी।