
अमेरिका ने शांति की कोशिशें तेज कीं
मिडिल ईस्ट में चल रहे भारी तनाव के बीच अमेरिका ने सीजफायर की बातचीत शुरू करने की पहल की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क़तर स्थित अमेरिकी एयरबेस से बयान दिया:
“इस इलाके में शांति और स्थिरता लाना हमारी पहली प्राथमिकता है।”
अब माना जा रहा है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।
नेतन्याहू और खामेनेई के रुख में नरमी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।
वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि अगर इजरायल हमला रोकता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई बंद कर सकता है।
क़तर का एयरबेस बना बातचीत का केंद्र
क़तर में मौजूद अमेरिकी एयरबेस अब इस पूरे मामले में बातचीत और सुलह का अहम ठिकाना बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 48 घंटों में एक संभावित युद्धविराम प्लान सभी पक्षों के सामने रखा जा सकता है।
दुनियाभर की प्रतिक्रियाएं
- संयुक्त राष्ट्र ने सभी से संयम बरतने की अपील की
- रूस और चीन ने बातचीत का समर्थन किया
- भारत ने मिडिल ईस्ट की यात्रा से बचने की सलाह दी
निष्कर्ष
हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन बातचीत की कोशिशें अब तेज़ हो गई हैं। अगर अमेरिका की पहल सफल रही, तो आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद है।