
Japan Fastest Internet: जापान ने इंटरनेट की दुनिया में ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे तोड़ना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। जापान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी इंटरनेट तकनीक तैयार की है जिसकी स्पीड सुनकर दुनिया हैरान है। इस तकनीक से 1.02 पेटाबिट्स प्रति सेकंड (Pbps) की स्पीड से डेटा ट्रांसफर किया गया है। इस स्पीड का मतलब है कि आप कुछ सेकंड में ही नेटफ्लिक्स की पूरी लाइब्रेरी डाउनलोड कर सकते हैं या एकसाथ लाखों 8K वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं। यह नया रिकॉर्ड 1909 किलोमीटर की दूरी तक डेटा को सफलतापूर्वक ट्रांसफर करके बनाया गया है।
इस सफलता के पीछे एक बेहद एडवांस्ड 19-कोर ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम है। आमतौर पर जो ऑप्टिकल फाइबर केबल्स होते हैं, वे सिंगल कोर के होते हैं। लेकिन इस नई टेक्नोलॉजी में 19 कोर हैं, जिससे एकसाथ कई डेटा चैनलों को तेज़ी से और स्थिरता से चलाया जा सकता है। यह तकनीक मौजूदा ग्लोबल नेटवर्किंग स्ट्रक्चर के समान है, जिससे आने वाले समय में इसे लागू करना भी संभव होगा।
इस नई इंटरनेट स्पीड ने 2024 में बने 402 टेराबिट्स प्रति सेकंड के रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया है। इतनी तेज़ इंटरनेट स्पीड की कल्पना भी आम यूजर ने नहीं की होगी। लेकिन अभी यह तकनीक आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। इसे पूरी तरह से लागू करने में समय और भारी निवेश लगेगा। साथ ही इतनी तेज़ गति से डेटा ट्रांसफर की वजह से साइबर सुरक्षा की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।
जापान के वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि (Japan Fastest Internet) से यह साफ हो गया है कि भविष्य में इंटरनेट कितना शक्तिशाली हो सकता है। शिक्षा, चिकित्सा, अंतरिक्ष विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में इसका गहरा असर पड़ेगा। इस स्पीड से रिमोट सर्जरी, रीयल-टाइम डेटा एनालिसिस, क्लाउड गेमिंग और हाई-रिजोल्यूशन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आसान हो जाएगी।
हालांकि इतनी ज़्यादा स्पीड को बनाए रखने और उसे बड़े स्केल पर इस्तेमाल में लाने के लिए अभी काफी टेक्निकल बदलाव और लागत की आवश्यकता होगी। यह तकनीक जिस लेवल की है, उसके चलते फिलहाल यह आम इंटरनेट यूजर की पहुंच से बाहर रहेगी, लेकिन आने वाले वर्षों में यह तकनीक इंटरनेट की परिभाषा ही बदल सकती है।
Japan Fastest Internet: जापान का यह कदम न केवल एक रिकॉर्ड है बल्कि यह दर्शाता है कि तकनीकी रूप से भविष्य की ओर कौन-सा देश सबसे तेजी से बढ़ रहा है। इसने इंटरनेट की रफ्तार को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। अब देखना होगा कि बाकी देश इस दिशा में कैसे कदम बढ़ाते हैं और आम जनता तक इस तकनीक को पहुंचाने के लिए क्या योजना बनाते हैं।
यह भी पढ़ें:
👉 GamersOG – गेमिंग और टेक्नोलॉजी अपडेट के लिए पढ़ें
👉 हाल ही में 16 अरब से अधिक पासवर्ड हुए लीक, जानें कैसे बचाएं अपना डेटा