
बारिश का मौसम जहां ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं यह अपने साथ घरों में नमी और सीलन की समस्याएं भी लाता है। खासकर किचन की दीवारों, अलमारियों और दराजों में फंगस जमना आम बात है। यह न केवल किचन की साफ-सफाई पर असर डालता है, बल्कि भोजन और अन्य सामान भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और घरेलू हैक्स की मदद से आप इस समस्या को कम कर सकते हैं।
सीलन क्यों बनती है मानसून में?
मानसून के दौरान वातावरण में नमी का स्तर बढ़ जाता है। किचन एक ऐसा स्थान है जहां पहले से ही गर्मी और भाप मौजूद रहती है। जब यह नमी भाप के संपर्क में आती है, तो दीवारों और कोनों में फंगस और सीलन बनने लगती है। इससे बदबू, गंदगी और कीटाणु फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
बेकिंग सोडा और सिरके से करें सफाई
बेकिंग सोडा और सिरका दोनों ही प्राकृतिक कीटाणुनाशक और क्लीनर हैं। आधा कप सफेद सिरके में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर एक स्प्रे बोतल में भर लें। इस मिश्रण को सीलन और फंगस वाली जगह पर छिड़कें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें। फिर ब्रश या कपड़े से रगड़कर साफ करें। इससे न केवल फंगस हटेगा, बल्कि बदबू भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
इन उपायों को भी आजमाएं:
- खाना बनाते समय खिड़कियां खोलकर रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।
- अगर आपके पास एग्जॉस्ट फैन है, तो उसे नियमित रूप से चलाएं।
- किचन के स्लैब और सिंक को सूखा रखें। पानी जमा न होने दें।
- अलमारियों और दराजों में नैफ्थलीन बॉल्स रखें, जो नमी को कम करने में मदद करती हैं।
- नीम की सूखी पत्तियों को अलमारियों या कोनों में रखें, यह प्राकृतिक एंटीफंगल की तरह काम करता है।
बचाव बेहतर है इलाज से
मानसून में सीलन से बचने के लिए जरूरी है कि आप नियमित सफाई और वेंटिलेशन का ध्यान रखें। साथ ही ऐसे प्राकृतिक उपायों का प्रयोग करें जो बिना किसी हानिकारक रसायन के आपके किचन को साफ और ताज़ा बनाए रखें।