
Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj: आज के समय में सोशल मीडिया पर प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में वे सरल और सहज भाषा में भक्ति, जीवन दर्शन और आध्यात्मिक ज्ञान साझा करते हैं। वृंदावन के केलीकुंज में निवास करने वाले महाराज जी राधा रानी को अपना इष्ट मानते हैं और सत्संग के माध्यम से लोगों के प्रश्नों का समाधान करते हैं।
कई बॉलीवुड सितारे और क्रिकेट खिलाड़ी भी उनसे मिल चुके हैं। उनके गुरु श्री गौरांगी शरण महाराज हैं, जिनसे वे समय-समय पर आशीर्वाद लेते हैं।
हाल ही में वायरल एक वीडियो में, एक भक्त ने उनसे पूछा— “ऐसी कौन सी बातें हैं जो व्यक्ति के जीवन में कंगाली और रोग का कारण बनती हैं?”
महाराज जी का उत्तर — 6 विकार जो जीवन का पतन करते हैं
प्रेमानंद महाराज ने बताया कि इंसान के भीतर के इच्छा और वासना के विकार उसके पतन की जड़ होते हैं। ये धीरे-धीरे इंसान को नासमझ, रोगी और कंगाल बना देते हैं। उन्होंने 6 मुख्य विकार बताए—
- काम (अत्यधिक इच्छाएं)
बेवजह और असहज इच्छाओं में उलझ जाना, जिससे मन अशांत हो जाता है। - क्रोध (गुस्सा)
छोटी-छोटी बातों पर तुरंत गुस्सा आना, जिससे संबंध और स्वास्थ्य दोनों बिगड़ते हैं। - लोभ (लालच)
जरूरत से ज्यादा पाने की चाह, जो कभी खत्म नहीं होती। - मोह (अत्यधिक लगाव)
किसी व्यक्ति या वस्तु से इतना जुड़ाव कि उससे अलग होने की कल्पना भी कठिन लगे। - मद (अहंकार)
खुद को दूसरों से श्रेष्ठ समझना और घमंड करना। - मत्सर (ईर्ष्या)
दूसरों की तरक्की देखकर जलन महसूस करना।
इनसे बचने का उपाय
महाराज जी ने कहा कि यदि इंसान इन विकारों से मुक्त होना चाहता है, तो उसे भगवान का भजन, नाम-स्मरण और साधना करनी चाहिए। यही सच्चा मार्ग है जो मन को शांति और जीवन को सही दिशा देता है।