
भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है और यहां प्रोबेशनरी ऑफिसर (Probationary Officer – PO) की नौकरी को सबसे प्रतिष्ठित बैंकिंग नौकरियों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो चयनित होकर बैंकिंग क्षेत्र में करियर की शुरुआत करते हैं।
हाल ही में जारी हुई अधिसूचना (notification) में बैंक ने भर्ती से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट किया है। अगर आप इस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आप कितनी बार इस परीक्षा को दे सकते हैं, सैलरी कितनी होगी, और चयनित होने पर बांड की क्या शर्तें होंगी।
परीक्षा कितनी बार दी जा सकती है? (Attempt Limit)
SBI PO की परीक्षा में शामिल होने के लिए अटेंप्ट की सीमा निर्धारित की गई है, जो आपकी श्रेणी (कैटेगरी) पर निर्भर करती है। इसका मतलब यह है कि एक उम्मीदवार कितनी बार इस परीक्षा में शामिल हो सकता है, यह उसकी सामाजिक श्रेणी पर निर्भर करता है:
श्रेणी | अधिकतम प्रयास (अटेंप्ट्स) |
---|---|
सामान्य (General) | 4 बार |
ओबीसी (OBC) | 7 बार |
एससी / एसटी (SC/ST) | कोई सीमा नहीं |
महत्वपूर्ण: अगर आपने आवेदन किया है और परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, तो वह प्रयास गिना जाएगा — भले ही आप प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास करें या नहीं।
SBI PO की सैलरी कितनी है?
SBI में PO पद पर चयनित होने के बाद एक उम्मीदवार को जो वेतन और अन्य लाभ मिलते हैं, वे अन्य सरकारी बैंकों की तुलना में काफी बेहतर माने जाते हैं। बेसिक पे ₹41,960/- प्रति माह से शुरू होता है, लेकिन इसमें कई प्रकार के भत्ते और अतिरिक्त सुविधाएं शामिल होती हैं जो कुल मिलाकर एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी वेतन पैकेज बनाती हैं।
वेतन में मिलने वाले मुख्य भत्ते:
- Dearness Allowance (DA)
- House Rent Allowance (HRA)
- City Compensatory Allowance (CCA)
- Furniture Allowance, Petrol Reimbursement
- फोन बिल, यात्रा भत्ता आदि
इन सब को जोड़कर SBI PO की कुल CTC (Cost to Company) ₹13.50 लाख से ₹15 लाख प्रति वर्ष तक होती है, जो अन्य किसी भी सरकारी नौकरी की तुलना में बहुत आकर्षक मानी जाती है।
बांड पॉलिसी क्या है?
SBI PO पद पर चयनित होने के बाद बैंक द्वारा उम्मीदवार से एक सर्विस बांड (Service Bond) साइन करवाया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित उम्मीदवार कम से कम एक निश्चित समय तक सेवा में बना रहे।
बांड से जुड़ी शर्तें:
- चयन के बाद 2 वर्षों की न्यूनतम सेवा देना अनिवार्य है।
- यदि कोई उम्मीदवार ट्रेनिंग के दौरान या प्रोबेशन पूरा होने से पहले इस्तीफा देता है, तो उसे बैंक को ₹2 लाख तक की राशि चुकानी पड़ सकती है।
यह शर्त इसलिए लागू की जाती है ताकि बैंक द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग और संसाधनों का दुरुपयोग न हो और संस्था को नुकसान न उठाना पड़े।
चयन प्रक्रिया कैसे होती है?
SBI PO की भर्ती में कुल तीन चरण होते हैं, जिन्हें पार करके ही कोई उम्मीदवार फाइनल मेरिट में शामिल हो सकता है:
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): यह एक क्वालिफाइंग परीक्षा होती है जिसमें अंग्रेजी, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के प्रश्न होते हैं।
- मुख्य परीक्षा (Mains) + वर्णनात्मक परीक्षा (Descriptive Test): यह एक कठिन चरण होता है जिसमें विषयों की गहराई से जांच होती है।
- ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू: इसमें उम्मीदवार के कम्युनिकेशन स्किल, बैंकिंग अवेयरनेस और निर्णय क्षमता की परीक्षा होती है।
इन तीनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर ही फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
- नियमित मॉक टेस्ट दें और अपनी गलतियों से सीखें
- पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करें
- बैंकिंग और करंट अफेयर्स की नियमित प्रैक्टिस करें
- समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालें (विशेषकर आर्थिक समाचार)
SBI PO न केवल एक सरकारी नौकरी है, बल्कि यह एक प्रोफेशनल करियर का मजबूत आधार भी है। अच्छी सैलरी, शानदार प्रमोशन स्कोप और प्रतिष्ठा के कारण यह लाखों युवाओं का सपना बन चुकी है। लेकिन इसके लिए तैयारी भी उतनी ही मेहनत और धैर्य से करनी होती है। यदि आप इस परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, तो आपको हर नियम और शर्त को विस्तार से समझना चाहिए ताकि भविष्य में कोई गलती न हो।