
भारत के लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank India के सीज़न 5 का पहला प्रोमो जारी होते ही चर्चा में आ गया है। लेकिन इस बार चर्चा का कारण कोई स्टार्टअप आइडिया नहीं, बल्कि प्रोमो में छुपा एक सैटायर (व्यंग्यात्मक संदेश) है — जो Infosys के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के उस बयान पर आधारित है जिसमें उन्होंने युवाओं से हर हफ्ते 70 घंटे काम करने की सलाह दी थी।
क्या है प्रोमो में खास?
Shark Tank India का नया प्रोमो एक टिपिकल ऑफिस कल्चर को मजाकिया अंदाज़ में पेश करता है, जहां एक बॉस अपने एम्प्लॉई से बार-बार ओवरटाइम मांगता है — “सपनों को मारो”, “70 घंटे काम करो”, “ऑफिस ही ज़िंदगी है”, “छुट्टियाँ नहीं मिलेंगी”, वगैरह-वगैरह।
लेकिन जैसे ही कैमरा दूसरी ओर जाता है, वही बॉस हेलीकॉप्टर से पार्टी में जा रहा होता है या बीच पर आराम कर रहा होता है। और फिर प्रोमो की punchline आती है:
“अगर बॉस करोड़पति बनना चाहता है और तुम्हें सिर्फ वर्कहॉलिक… तो Shark Tank India में अप्लाई मत करो!”
70 घंटे वर्क वीक की बहस पर व्यंग्य
पिछले साल नारायण मूर्ति ने यह बयान दिया था कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों तक बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने इसे “टॉक्सिक वर्क कल्चर” कहा, तो कुछ ने इसे “देश के विकास के लिए ज़रूरी” माना।
अब Shark Tank India ने इस गंभीर विषय पर एक हल्का-फुल्का लेकिन तीखा कटाक्ष करते हुए बताया कि स्टार्टअप का सपना मेहनत से पूरा होता है, लेकिन अंधी मेहनत से नहीं — समझदारी, संतुलन और सोच के साथ।
नमिता थापर और वर्क-लाइफ बैलेंस
शो की जानी-मानी शार्क नमिता थापर ने भी इस बहस में अपना मत रखा था। उन्होंने कहा कि सिर्फ काम करने से संपत्ति नहीं बनती, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक स्वास्थ्य भी उतने ही जरूरी हैं।
उन्होंने युवाओं को योग, माइंडफुलनेस और संतुलित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी थी।