
U.S. President Donald Trump and Russia's President Vladimir Putin
Trump-Putin News: रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर तेज़ी से भड़क रहा है। इन दिनों फिर से रूस की ओर से हवाई हमलों और ड्रोन अटैक्स की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे हालात काफी तनावपूर्ण बनते जा रहे हैं। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान सामने आया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर आने वाले 50 दिनों में रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर नहीं होता, तो वे रूस पर बहुत भारी टैरिफ लगाने वाले हैं।
अपने बयान में ट्रंप ने साफ कहा कि वे इस समय रूस से काफी नाराज़ हैं और अगर युद्ध बंद नहीं हुआ तो अमेरिका रूस पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगा सकता है। ट्रंप ने सिर्फ रूस तक बात नहीं रखी, बल्कि उन्होंने सेकेंडरी टैरिफ का भी जिक्र किया है — यानी यह टैक्स सिर्फ रूस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन देशों पर भी असर डालेगा जो रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं।
Trump-Putin News: यही बात भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता बन सकती है। भारत बीते दो सालों से रूस से सस्ते दाम पर क्रूड ऑयल खरीद रहा है, खासकर तब से जब कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। आंकड़ों के अनुसार मई में भारत ने हर दिन करीब 1.96 मिलियन बैरल तेल रूस से मंगाया। यानी भारत ने रूस से ऊर्जा खरीद में कोई कमी नहीं की है, बल्कि आर्थिक रूप से इससे उसे काफी राहत भी मिली है।
अब अगर ट्रंप अपने वादे पर अमल करते हैं और रूस पर भारी टैरिफ लगाते हैं, तो इसका सीधा असर भारत की एनर्जी डील्स पर पड़ सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, अमेरिका की तरफ से भारत पर दबाव और भी बढ़ सकता है कि वह तेल की ज़रूरतें रूस से पूरी न करे। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका बार-बार यह संकेत देता रहा है कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतें वाशिंगटन के साथ मिलकर पूरी करनी चाहिए।
Trump-Putin का यह नया मोड़ बताता है कि आने वाले दिनों में भारत को अपने कूटनीतिक संतुलन को और मजबूत करना होगा। अमेरिका पहले से ही चाहता है कि भारत ऊर्जा के लिए उस पर निर्भर हो, लेकिन भारत ने अब तक रूस के साथ रिश्ते संभालते हुए सस्ते तेल का लाभ लिया है। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस बदलती परिस्थितियों से कैसे निपटेगा।