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अमेरिका जाने का सपना देख रहे युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए अब वीज़ा पाना पहले जितना आसान नहीं रहा। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे अमेरिका का वीज़ा सिस्टम अब और सख्त और जटिल हो गया है। खास तौर पर भारतीय छात्रों और नौकरी के इच्छुक युवाओं को इसके कारण ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नई पॉलिसी के तहत अब वीज़ा इंटरव्यू की डेट मिलने में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। कई शहरों में तो स्टूडेंट्स और वर्क वीज़ा अप्लायर्स को इंटरव्यू स्लॉट के लिए 12 से 18 महीने तक का इंतज़ार करना पड़ रहा है। पहले यह समय 2 से 4 महीने का होता था। ऐसे में जो लोग अमेरिका में पढ़ाई या नौकरी के लिए जल्दी रवाना होना चाहते हैं, उनके सामने ये एक बड़ी अड़चन बन गई है।
सिर्फ इतना ही नहीं, अब वीज़ा इंटरव्यू को दो बार से ज़्यादा रीशेड्यूल नहीं किया जा सकता। अगर कोई अपॉइंटमेंट से चूक जाता है या बार-बार टालता है, तो उन्हें दुबारा स्लॉट पाने के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने कुछ देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा पर पूरी तरह रोक भी लगाई है, जिससे वहां के छात्र और पर्यटक अमेरिका नहीं जा पाएंगे।
पहले जिन लोगों को ‘ड्रॉप बॉक्स’ सुविधा मिलती थी यानी बिना इंटरव्यू के वीज़ा रिन्यू हो जाता था, अब उन्हें भी नए नियमों के मुताबिक दोबारा इंटरव्यू देना पड़ सकता है। इसके अलावा अब कुछ वीज़ा कैटेगरी के इंटरव्यू केवल खास शहरों में ही होंगे, जैसे H1B का इंटरव्यू हैदराबाद में और F1 या J1 स्टूडेंट वीज़ा का इंटरव्यू सिर्फ दिल्ली में।
इन बदलावों की वजह से कई भारतीय स्टूडेंट्स अब कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके या यूरोप के देशों की तरफ रुख कर रहे हैं। अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की संख्या घटने से उनका आर्थिक ढांचा भी प्रभावित हो रहा है।
कुल मिलाकर, ट्रंप सरकार की वीज़ा पॉलिसी अब अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यदि आप भी वहां जाने की सोच रहे हैं, तो जरूरी है कि आप पहले से ही अपनी प्लानिंग करें, डॉक्युमेंट्स तैयार रखें और सभी अपडेट्स को नियमित रूप से चेक करते रहें।